गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ : CG Godhan Nyay Yojana

CG Godhan Nyay Yojana : राज्य के पशुपालको को लाभ पहुँचाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी ने 20 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना की शुरवात की थी | Godhan Nyay Yojana के तहत राज्य सरकार किसानो और पशुपालको से पशुओ का गोबर 2 रूपये प्रतिकिलो की दर से खरीदेगी | जो किसान पर पशुपालक पशुओं का पालन पोषण करते है उनकी आय दोगुनी होने में मदद होगी | खरीदी गई इस खाद्द का उपयोग सरकार वर्मी कम्पोस्ट खाद्द बनाने में करेगी | किसानो की आय को दोगुना करने में यह योजना अहम रोल अदा करेगी | इस आर्टिकल में CG Godhan Nyay Yojana के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई है जिसे आप देख सकते है।

CG Godhan Nyay Yojana

छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना पूरी तरह से सफल है और प्रदेश के हजारो किसानो को CG Godhan Nyay Yojana का लाभ मिल रहा है | छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना से प्रेरित होकर केंद्र सरकार भी इस योजना को पुरे देश में लागु करने के बारे में सोच रही है | 9 मार्च 2021 को लोकसभा में इस योजना के सम्बन्ध में एक रिपोर्ट पैस की गई जिसमे कृषि संबंधी स्थायी समिति (Standing Committee on Agriculture) ने Godhan Nyay Yojana को पुरे देश में लागु करने की पेशकश की है |

CG Godhan Nyay Yojana Overview

योजना का नामछत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना
योजना का प्रकारराज्य सरकार की योजना
राज्य का नामछत्तीसगढ़
किसके द्वारा शुरू की गईमुख्यमंत्री श्री भूपेश भघेल जी के द्वारा
कब शुरू की गई 20 जुलाई 2020 को
लाभार्थी किसान और पशुपालक
उद्देश्य किसानो और पशुपालको की आय को दोगुना करना
गोबर की दर2 रूपये प्रतिकिलो
ऑफिसियल वेबसाइटgodhannyay.cgstate.gov.in
CG Godhan Nyay Yojana

Chhattisgarh budget 2022 – गोधन से निर्मित ब्रीफकेस का किया इस्तेमाल

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना पुरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. लेकिन Chhattisgarh budget 2022 के दौरान यह योजना काफी चर्चा में है. क्युकी इस बजट में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने मां लक्ष्मी के प्रतीक के रूप में गोधन से निर्मित ब्रीफकेस का उपयोग किआ है. यह बजट बाक्‍स चमड़े या जुट का ना होकर गोबर और अन्य उत्पादों से तैयार किया गया है. इसी बजट बाक्‍स से मुख्यमंत्री ने बजट पैसा किआ है.

CG Godhan Nyay Yojana PDF Form

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के तहत 21 जुलाई 2020 को गोबर खरीदने की शुरवात पहली बार हुई थी | CG Godhan Nyay Yojana के तहत सम्पूर्ण प्रदेश में गौठानों का निर्माण किया जायेगा | सरकार इन गौठानों में गोबर खरीदकर वर्मी कम्पोस्ट खाद्द बनाएगी | इस योजना की ख़ास बात यह है की इसमें महिलाओ को भी रोजगार मिलेगा | छत्तीसगढ़ के पवन पर्व हरेली (Hareli festival) के दिन Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana का सुभारम्भ किया गया था | जो भी किसान या पशुपालक इस योजना का लाभ लेना चाहता है उसे इस योजना की पात्रता और दिशानिर्देश पढ़कर इसमे आवेदन करना होगा |

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना का उद्देश्य

इस योजना को शुरू करने के पिच्छे सरकार के कई उद्देश्य है | बहुर सारे एसे पशु है जो अवार घूम रहे है और गंदगी कर रहे है | अब लोग गोबर को बेचने के लिए पशुओ को अवार नहीं छोड़ेंगे जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी | प्रदेश के कई किसान और पशुपालक एसे है जिनके पास को रोजगार नहीं था, अब CG Godhan Nyay Yojana के शुरू होने से एसे लोगो को रोजगार भी मिलेगा और किसानो की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा | इस योजना ने पर्यावरण संरक्षण उत्कृष्ट काम किया है | पर्यावरण संरक्षण इस योजना की भूमिका को देखते हुए 20 मार्च 2021 को दिल्ली में इस योजना को स्कॉच गोल्ड अवार्ड (Scotch Gold Award) से सम्मानित किया गया है |

CG Godhan Nyay Yojana के लाभ

जब से यह योजना शुरू हुई है तब से प्रदेश के किसानो और पशुपालको के जीवन में सुधार हुआ है | एसे किसान जो बेरोजगार थे, पशुपालक जिनकी आमदनी नहीं थी एसे लोगो को इस योजना का सबसे बड़ा लाभ मिला है | Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana के लाभ निम्न है :-

  • CG Godhan Nyay Yojana से पशुपालको और किसानो की आय में वृद्धि होगी |
  • पशुधन की खुली चराई पर रोक लगेगी |
  • जैविक खाद्द के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और रासायनिक उर्वरक उपयोग में कमी आएगी |
  • स्थानीय स्तर पर जैविक खाद्द की उपलब्धता हो सकेगी |
  • स्थानीय स्व-सहायता समूहों को रोजगार के अवसर मिलेंगे |
  • भूमि की उर्वरता में सुधार होगा |
  • विष राशी खाद्द पधार्थो की उपलब्धता और सुपोषण |
  • किसानो और पशुपालको के जीवन में सुधार होगा और उनका जीवन बेहतर होगा |

गोबर का क्रय एवं भुगतान की प्रक्रिया

CG Godhan Nyay Yojana के तहत गोबर का क्रय और भुगतान की प्रक्रिया निम्न प्रकार से होगी :

  • गोधन न्याय योजना के तहत प्रदेश भर में गौठानों का निर्माण किया जायेगा और उसी गौठानों के द्वारा उसी पंचायत का गोबर ख़रीदा जायेगा |
  • राज्य सरकार ने वर्तमान में 2 रुपए प्रति किलो की दर से गोबर की दर को निर्धारति किया गया है |
  • सरकार जो गोबर खरीदेगी उसमे कांच, मिटटी, प्लास्टिक नहीं होना चाहिए |
  • गौठानों में पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था की जाएगी |
  • गोबर खरीदने के बाद इसे गौठानों में निर्मित CPT में रखा जायेगा और 15 से 20 दिन के बाद इससे वर्मी कम्पोस्ट तैयार कि जाएगी |

CG Godhan Nyay Yojana वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने हेतु प्रशिक्षण

कलेक्टर के द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो में प्रतेक गौठान के लिए एक नोडल अधिकारी (Nodal Officer) की नियुक्ति की जाएगी | वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए पात्र स्व-सहायता समूहों को 2 चक्र में कृषि विज्ञानं केंद्र और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (Krishi Vigyan Kendra and National Rural Livelihoods Mission) के तहत प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा |

जिन विकासखंड में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NULM) नहीं है वहां पर जनपद पंचायत के माध्यम से प्रशिक्षण (Training) प्रदान किया जायेगा | सभी गौठानों में प्रशिक्षण का कार्य समय पर करवाने का जिम्मा कलेक्टर, मुख्या कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकिस्त्या का होगा | शहरी क्षेत्र में प्रशिक्षण का कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NULM) के द्वारा संपन करवाया जायेगा |

CG Godhan Nyay Yojana की विशेषताएं

  • पशुपालको और किसानो को रोजगार प्रदान करने के लिए और उनकी आय को दोगुना करने के लिए सरकार ने इस योजना को शुरू किया है |
  • सरकार 2 रुपये प्रतिकिलो की दर से पशुपालको से गोबर खरीदेगी और इस गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार की जाएगी |
  • वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए प्रदेश भर में गौठानों का निर्माण किया गया है |
  • इन गौठानों में काम करने वाले स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण दिया जायेगा |
  • गौठानों में गोबर की उपलब्धता के आधार पर टांके बनाये गए है और इन टांको का निर्माण मनरेगा के माध्यम से किया जायेगा |
  • स्थानीय मांग और आवश्यकतानुसार इन गोबर से अन्य उत्पाद भी तैयार किये जायेंगे |
  • वर्मी कम्पोस्ट तैयार होने के बाद वर्मी कम्पोस्ट से केंचुओं को छलनी के माध्यम से अलग किया जायेगा |

Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana के लिए पात्रता

  • आवेदक छत्तीसगढ़ का स्थाई निवासी होना चाहिए |
  • प्रदेश का कोई भी किसान और पशुपालक इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है |
  • आवेदक के पास आधार कार्ड होना चाहिए जो आपके मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए |
  • जमींदारों, व्यापारियों जो जिनकी आय बहुत अधिक है उनको इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जायेगा |
  • राज्य के सभी पशुपालन करने वाले किसान सीजी गोधन न्याय योजना में आवेदन कर सकते है |

CG Godhan Nyay Yojana के लिए दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक खाता विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • पशुओं से सम्बन्धित जानकारी

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना में आवेदन कैसे करें ?

अगर आप भी गोबर का क्रय करके आमदनी करना चाहते है और इस योजना में आवेदन करना चाहते है तो आप निचे दिए गए स्टेप follow करें :

  • नगरिय क्षेत्र के प्रतेक पशुपालक का पंजीकरण निकाय स्तर पर किया जायेगा जिसके लिए निर्धारति प्रारूप में आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे |
  • आवेदक पशुपालक अपना आवेदन वार्ड कार्यालय, SLRM सेण्टर, कम्पोस्ट सेड, गौठानों में कर सकता है |
  • आवेदक को आवेदन फॉर्म में सम्बन्धित जानकारी जैसे की पशुपालक का नाम, पशुओं की संख्या, उत्सर्जित गोबर की अनुमानित मात्रा आदि दर्ज करनी होगी |
  • उसके बाद आवेदक के आवेदन फॉर्म का समूह के द्वारा और योजना के वार्ड प्रभारी के द्वारा सत्यापन किया जायेगा |
  • पंजीकृत पशुपालक को छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के तहत कार्ड प्रदान किया जायेगा | इस कार्ड में गोबर की खरीद और अन्य जानकारी दर्ज होगी |
  • इसके अलावा आप CG Godhan Nyay Yojana App के माध्यम से भी आवेदन कर सकते है |

Godhan Nyay Yojana App Download कैसे करें ?

  • सबसे पहले आपको अपने मोबाइल फोन में Google Play Store को ओपन करना होगा |
  • सर्च बॉक्स में आपको Godhan Nyay Yojana दर्ज करना है |
  • मोबाइल एप आपके सामने आ जायेगा |
  • आपको इनस्टॉल पर क्लिक करके इसे डाउनलोड करना होगा |
  • डाउनलोड करने के बाद आप इस मोबाइल एप का उपयोग कर सकते है |

Helpline Number

  • Toll Free Number – 1100

निष्कर्ष

इस article में CG Godhan Nyay Yojana के बारे में पूरी जानकारी दी गई है | प्रदेश का कोई भी किसान या पशुपालक अतिरिक्त आमदनी करने के लिए छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना में आवेदन कर सकता है | आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया के बारे में इस article में जानकारी दी गई है |

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